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गुजरात: गेंदा फूल ने किसानों को बनाया लखपति

वडोदरा
इस साल बेमौसम की बारिश ने देशभर के किसानों का बहुत नुकसान किया। वहीं, गुजराज के पंचमहल जिले के हलोल तालुके के किसानों ने परंपरागत किसानी छोड़कर जमकर पैसे कमाए हैं। दरअसल, यहां के किसानों ने गेंदे के फूल की खेती शुरू की है, जिससे इनको जबरदस्त मुनाफा हुआ है। इस सफलता को देखते हुए अब यहां बड़ी मंडी बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।

इस साल हलोल के लगभग 150 किसानों ने 250 एकड़ जमीन पर की। इस खेती ने उन्हें नुकसान से तो बचाया ही बल्कि परंपरागत फसलों से ज्यादा मुनाफा भी दिया। ऐग्रिकल्चरल टेक्नॉलजी मैनेजमेंट एजेंसी () के असिस्टेंट टेक्नॉलजी मैनेजर और किसान घनश्याम ठाकोर बताते हैं, ‘किसान गेंदे की खेती की ओर बढ़े क्योंकि यह कैश क्रॉप है और त्योहार के सीजन में अच्छी-खासी आमदनी देती है।’

खुद ही बेचने से हटे मुनाफाखोर, किसानों का फायदा बढ़ा
अराड गांव के किसानों ने दीवाली के मौके पर एटीएमए के सहयोग से अपने ही गांव में एक छोटी मंडी शुरू कर दी। इससे बिचौलिए रास्ते से गायब हो गए और मुनाफा बढ़ गया। घनश्याम ठाकोर बताते हैं कि एक एकड़ में 3000 किलोग्राम फूल होते हैं। फूल तोड़ने के बाद ये एक या दो दिन में ही बिक भी जाते हैं। गेंदे की खेती का एक फायदा यह भी है कि गेंदे का फूल मजबूत होता है। बारिश के बावजूद इसे कोई नुकसान नहीं होते है।

अराड गांव के किसान निमेश पटेल कहते हैं, ‘ये फूल बारिश से खराब नहीं होते हैं। हमने इस बार त्योहारों के पहले फूलों को तोड़ा और उन्हें बाजार में 45 रुपये किलो के हिसाब से बेचा।’ घनश्याम ठाकोर कहते हैं कि छोटी मंडी के प्रयोग में सफलता मिलने के बाद अब किसान अगले साल बड़ी मंडी चाहते हैं। वह आगे कहते हैं, ‘इससे बीच में मुनाफा कमाने वाले लोग हट जाते हैं और उनको जाने वाला 10 पर्सेंट कमिशन भी किसानों को मिल जाता है।’

अराड गांव के निवासी अमित पटेल कहते हैं, ‘मांग बढ़ती देखकर ज्यादा से ज्यादा किसान गेंदे की खेती कर रहे हैं। पहले हम मध्य प्रदेश के रतलाम से बीज खरीदकर लाते थे लेकिन अब कई स्थानीय डीलर्स भी गेंदे के बीज बेचने लगे हैं।’

Source: National

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